बेटी चलाती थी बुलट इस लिए पिता पर फायरिंग

समाज क्यों नहीं पचा पा रहा है महिलाओं की तरक्की!



नोयडा। बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार बेटियों को आगे लाना चाहती है। लेकिन पुरुष प्रधान समाज इस बात को पचा नहीं पा रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण नोयडा में देखने को मिला। ग्रेटर नोयडा के गांव मिलिक खटना में बेटी के बुलट चलाने से लोगों को लगा कि गांव का माहौल खराब हो रहा है। इस लिए बेटी के पिता सुनील कुमार को पहले पंचायत ने धमकी दी। लेकिन फिर भी पिता ने लड़की को बुलट चलाने से मना नहीं किया तो पिता पर गोलियां चला दीं। 



लड़की के पिता ने बताया कि उसके चार बेटियां और दो बेटे हैं। सबसे छोटी बेटी दादर पढ़ने जाती थी। आने-जाने में दिक्कत होती थी तो बेटी के कहने पर पिता ने रॉयल एनफील्ड बाइक दिला दी। यह बात गॉव के लोगों को नागवार गुजरी। लोगों ने पिता को बेटी से बाइक चलाने के लिए मना करने को कहा। क्योंकि इससे गॉव का माहौल खराब होने का खतरा था। लेकिन पिता ने गॉव वालों का कहना नहीं माना तो गॉव के दो लोगों ने पिता पर हमला कर दिया। सुनील कुमार बच गए हैं। और दोनों आरोपिओं को पुलिस ने पकड़ लिया है। लेकिन यह घटना पूरे देश से प्रश्न करती है कि आखिर कब बदलेगा भारत।